2 जुलाई 2011 - 19:30

हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या की जांच करने वाले ट्रायब्यूनल के आरंभिक फ़ैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि पश्चिम का लक्ष्य इस्लामी प्रतिरोध को क्षति पहुंचाना तथा उससे भी बढ़ कर लेबनान में शीया और सुन्नी मुसलमानों के बीच गृहयुद्ध करावाना है।

हिज़्बुल्लाह संगठन ने कहा है कि हरीरी हत्याकांड की जांच करने वाला ट्रायब्यूनल लेबनान में गृहयुद्ध करवाना चाहता है।
हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या की जांच करने वाले ट्रायब्यूनल के आरंभिक फ़ैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि पश्चिम का लक्ष्य इस्लामी प्रतिरोध को क्षति पहुंचाना तथा उससे भी बढ़ कर लेबनान में शीया और सुन्नी मुसलमानों के बीच गृहयुद्ध करावाना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रायब्यूनल ने आरंभ में सीरिया और उसके अधिकारियों पर हरीरी हत्याकांड में लिप्त होने का आरोप लगाया और अब हिज़्बुल्लाह को दोषी बताया जा रहा है। श्री नसरुल्लाह ने कहा कि लेबनान पर 33 दिवसीय आक्रमणों में इस्लामी प्रतिरोध के हाथों ज़ायोनी शासन की पराजय के बाद अमरीका और ज़ायोनी शासन ने निरंतर हिज़्बुल्लाह तथा लेबनान की आंतरिक एकता को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया है।